भ्रष्टाचार के बड़े मामले: आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की जांच का विस्तृत विश्लेषण

वर्ष 2025 में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों की अभूतपूर्व लहर देखी गई है। इन हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारियों और जांचों ने भारत की नौकरशाही में व्यापत भ्रष्टाचार को उजागर किया है, जो शासन और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह विस्तृत विश्लेषण आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा, विनय चौबे, अभिषेक प्रकाश, संजीव हंस और धीमान चक्मा तथा आईपीएस अधिकारी एन. संजय और रश्मि करंदीकर के मामलों की जांच करता है।

ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल द्वारा जारी 2024 के भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक में भारत की स्थिति 180 देशों में से 96वें स्थान पर पहुंच गई है, जो 2023 के 93वें स्थान से गिरावट दर्शाती है। यह गिरावट वरिष्ठ नौकरशाहों को निशाना बनाने वाले हाई-प्रोफाइल भ्रष्टाचार मामलों में वृद्धि के साथ मेल खाती है। drishtiias+1

आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा: गुजरात भूमि घोटाला दोषी

पृष्ठभूमि और करियर

प्रदीप निरंकारनाथ शर्मा, गुजरात के 1994-बैच के आईएएस अधिकारी, ने 1981 में गुजरात प्रशासनिक सेवा में शामिल होने के बाद 1999 में आईएएस में पदोन्नति पाई। अपने करियर के दौरान, उन्होंने जामनगर और भावनगर के नगर आयुक्त और कच्छ-भुज तथा राजकोट के कलेक्टर के रूप में सेवा की, जब तक कि 8 जनवरी, 2010 को उनका निलंबन नहीं हुआ। indianexpress

भ्रष्टाचार के मामले

शर्मा पर दो दशकों से अधिक समय तक फैले कई भ्रष्टाचार आरोप हैं। सबसे महत्वपूर्ण मामला 2004 का वेल्सपन ग्रुप भूमि आवंटन घोटाला है, जब वे कच्छ जिले के कलेक्टर थे। जांच के अनुसार, शर्मा ने कथित तौर पर वेल्सपन ग्रुप को बाजार दर से 25% कम दर पर सरकारी जमीन आवंटित की, जिससे राज्य के खजाने को ₹1.2 करोड़ का नुकसान हुआ। बदले में, वेल्सपन ने कथित तौर पर शर्मा की पत्नी को बिना किसी निवेश के अपनी सहायक कंपनी वैल्यू पैकेजिंग में 30% भागीदार बनाया, जिससे ₹29.5 लाख के लाभ मिले। coastaldigest

न्यायिक कार्यवाही और सजा

जनवरी 2025 में, अहमदाबाद सत्र न्यायालय ने शर्मा को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत पांच साल की कठोर कैद की सजा सुनाई। अप्रैल 2025 में एक बाद के मामले में कच्छ की अदालत ने सॉ पाइप्स प्राइवेट लिमिटेड को सरकारी जमीन आवंटन में अनियमितताओं के लिए उन्हें पांच साल की और सजा दी। अदालत ने उन्हें 47,173 वर्ग मीटर भूमि आवंटित करके सरकारी नियमों का उल्लंघन करने का दोषी पाया, जबकि उनका अधिकार केवल 2 हेक्टेयर तक था। thelallantop+1

एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने भी शर्मा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले दर्ज किए हैं, करोड़ों की संपत्ति जब्त की है और उनके बैंक लॉकर से 3.20 किलो वजन की 31 सोने की छड़ें बरामद की हैं। वर्तमान में उन पर केंद्रीय और गुजरात राज्य एजेंसियों द्वारा 15 जांच चल रही हैं। indianexpress+1

आईएएस अधिकारी विनय चौबे: झारखंड शराब घोटाला

करियर और पद

विनय कुमार चौबे, 1999-बैच के आईएएस अधिकारी, ने झारखंड में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है, जिसमें मुख्यमंत्री के सचिव और पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव शामिल हैं। उन्हें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का करीबी माना जाता है, जिन्होंने 2019-2024 के कार्यकाल के दौरान उनके सचिव के रूप में काम किया। newindianexpress

शराब नीति में हेराफेरी

20 मई 2025 को, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने चौबे को झारखंड शराब घोटाले के संबंध में गिरफ्तार किया। यह मामला उनके आबकारी विभाग के सचिव के कार्यकाल के दौरान राज्य की आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। एसीबी ने चौबे पर छत्तीसगढ़ शराब सिंडिकेट के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है, जिससे राज्य के खजाने को ₹38 करोड़ का नुकसान हुआ। ndtv+1

आरोप

सितंबर 2024 में दर्ज एफआईआर के अनुसार, चौबे और अन्य अधिकारियों ने कथित तौर पर एक सिंडिकेट बनाया जिसने:

  • छत्तीसगढ़ शराब सिंडिकेट के पक्ष में टेंडर नियमों में हेराफेरी की timesofindia.indiatimes
  • नकली होलोग्राम के साथ बिना हिसाब की घरेलू शराब बेची timesofindia.indiatimes
  • पसंदीदा कंपनियों को गैरकानूनी तरीके से विदेशी शराब उपलब्ध कराई timesofindia.indiatimes
  • करोड़ों रुपए का अवैध कमीशन कमाया timesofindia.indiatimes

नई शराब नीति 31 मार्च, 2022 को चौबे के आबकारी सचिव के कार्यकाल के दौरान लागू की गई थी। वह एक अलग हजारीबाग भूमि घोटाला मामले में भी शामिल था, जहाँ उन्होंने कथित तौर पर अपने डिप्टी कमिश्नर के कार्यकाल के दौरान 2.75 एकड़ ‘खसमहल’ भूमि की प्रकृति बदलकर इसे निजी व्यक्तियों को आवंटित किया। newindianexpress

वर्तमान स्थिति

14 अगस्त, 2025 को झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा चौबे की जमानत याचिका खारिज करने के बाद वह न्यायिक हिरासत में हैं। उन्हें सेवा से निलंबित कर दिया गया है, और उनका मामला झारखंड के गठन के बाद से भ्रष्टाचार संबंधी मामलों में गिरफ्तार होने वाले छठे कार्यरत आईएएस अधिकारी का प्रतिनिधित्व करता है। newindianexpress+1

आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश: इन्वेस्ट यूपी रिश्वतखोरी घोटाला

व्यावसायिक पृष्ठभूमि

अभिषेक प्रकाश, उत्तर प्रदेश के 2006-बैच के आईएएस अधिकारी, ने इन्वेस्ट यूपी के सीईओ और औद्योगिक विकास विभाग के सचिव के रूप में काम किया। उन्होंने पहले 2021 से 2022 तक लखनऊ के जिलाधिकारी सहित महत्वपूर्ण पद संभाले। indianexpress

सोलर प्रोजेक्ट रिश्वतखोरी मामला

मार्च 2025 में, उत्तर प्रदेश सरकार ने एक सोलर ऊर्जा परियोजना को मंजूरी देने के लिए एक बिचौलिए के माध्यम से 5% कमीशन की मांग के आरोपों के बाद प्रकाश को निलंबित कर दिया। शिकायतकर्ता, एसएईएल सोलर पी6 प्राइवेट लिमिटेड के विश्वजीत दत्त ने आरोप लगाया कि प्रकाश के सहयोगी निकांत जैन ने आवश्यक अनुमोदन सुविधा के लिए रिश्वत के रूप में ₹400 करोड़ (₹8,000 करोड़ परियोजना लागत का 5%) की मांग की। timesofindia.indiatimes

जांच और आरोपपत्र

मई 2025 में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) ने निकांत जैन को मुख्य आरोपी बनाते हुए 1,600 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया। जांच में खुलासा हुआ: navbharattimes.indiatimes

  • परियोजना ₹8,000 करोड़ से अधिक की थी
  • जैन ने स्पष्ट रूप से प्रकाश का नाम रिश्वत की मांग के पीछे के व्यक्ति के रूप में लिया timesofindia.indiatimes
  • 50 से अधिक गवाहों ने बयान दिए navbharattimes.indiatimes
  • शिकायतकर्ता ने प्रकाश का नाम लेते हुए शपथपत्र जमा किया timesofindia.indiatimes

अतिरिक्त आरोप

प्रकाश पर जिलाधिकारी के कार्यकाल के दौरान लखनऊ के भटगांव गांव में भूमि अधिग्रहण में अनियमितताओं के आरोप भी हैं। आरोप डिफेंस कॉरिडोर परियोजना के लिए भूमि के मुआवजे में विसंगतियों की ओर इशारा करते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पास बरेली और लखीमपुर खीरी जिलों में परिवारिक सदस्यों और रिश्तेदारों के नाम पर पंजीकृत लगभग 700 बीघा (400+ एकड़) भूमि है। indianexpressyoutube

आईएएस अधिकारी संजीव हंस: बिहार मनी लॉन्ड्रिंग मामला

करियर प्रोफाइल

संजीव हंस, 1997-बैच के बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी, आईआईटी-दिल्ली के पूर्व छात्र हैं, जिन्होंने ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव और बिहार राज्य विद्युत होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष सहित प्रभावशाली पदों पर काम किया। उन्होंने 2004 से 2020 तक केंद्र सरकार के पदों पर भी काम किया। opindia

भ्रष्टाचार का जाल

हंस को 18 अक्टूबर, 2024 को पूर्व आरजेडी विधायक गुलाब यादव के साथ व्यापक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट द्वारा गिरफ्तार किया गया था। यह मामला शुरू में 2023 में बलात्कार के आरोपों से निकला था, जिससे जांचकर्ताओं को संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का पता चला। ईडी का आरोप है कि हंस ने 2018 और 2023 के बीच भ्रष्ट प्रथाओं के माध्यम से अवैध संपत्ति जमा की। indiatoday+1

जांच का पैमाना

ईडी की जांच में खुलासा हुआ है:

  • हंस के सहयोगियों के नए खोले गए डीमैट खातों में ₹60 करोड़ मूल्य के शेयर मिले indiatoday
  • 70 से अधिक बैंक खाते जिनमें ₹6 करोड़ के संदिग्ध जमा को फ्रीज किया गया enforcementdirectorate
  • तलाशी के दौरान ₹87 लाख नकद, 13 किलो चांदी की ईंटें, 2 किलो सोना और ₹1.5 करोड़ के गहने बरामद timesofindia.indiatimes
  • नागपुर में जमीन और दिल्ली और जयपुर में फ्लैट सहित ₹23.72 करोड़ की संपत्ति कुर्क enforcementdirectorate

मर्सिडीज कार रिश्वतखोरी

स्पेशल विजिलेंस यूनिट की जांच के अनुसार, हंस ने कथित तौर पर प्री-पेड मीटर लगाने का अनुबंध देने के लिए एक कंपनी से रिश्वत के रूप में मर्सिडीज कार स्वीकार की। एफआईआर में यह भी आरोप है कि हंस ने गुलाब यादव के माध्यम से एक महिला को अपने अवैध संबंध के बारे में चुप रहने के लिए मासिक ₹2 लाख का भुगतान किया। navbharattimes.indiatimes

हाल की घटनाएं

मार्च 2025 में, हंस के सहयोगियों पर ईडी के छापे से सात बिहार सरकारी अधिकारियों से ₹11.64 करोड़ नकद की जब्ती हुई, जिसकी गिनती के लिए चार गिनती मशीनों की आवश्यकता पड़ी। हंस पटना की बेउर सेंट्रल जेल में हैं, और ईडी ने उनके खिलाफ 2,000 पन्नों का पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है। indianexpress+1

Year-wise and state-wise arrests under the Prevention of Money-Laundering Act (PMLA) in India from 2016 to 2024

Year-wise and state-wise arrests under the Prevention of Money-Laundering Act (PMLA) in India from 2016 to 2024 thewire

आईएएस अधिकारी धीमान चक्मा: ओडिशा रिश्वतखोरी मामला

उत्थान और पतन

धीमान चक्मा, 2021-बैच के आईएएस अधिकारी, को कभी त्रिपुरा की यूपीएससी सफलता की कहानी के रूप में मनाया जाता था – दूरदराज के कंचनपुर शहर से सफल होने वाले पहले उम्मीदवार। 2019 में भारतीय वन सेवा में शामिल होने से लेकर 2024 में आईएएस परीक्षा पास करने तक की उनकी प्रेरणादायक यात्रा ने जनता की कल्पना को मोहित किया था और सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा की गई थी। timesofindia.indiatimes

रिश्वतखोरी गिरफ्तारी

8 जून 2025 को, चक्मा को ओडिशा विजिलेंस द्वारा क्रशर यूनिट के मालिक हर्ष बर्धन बेहरा से ₹10 लाख रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। यह राशि उनकी ₹20 लाख की कुल मांग की पहली किस्त थी। धरमगढ़, कलाहांडी जिले में उनके आधिकारिक निवास की बाद की तलाशी के दौरान, अधिकारियों ने अतिरिक्त ₹47 लाख नकद बरामद किया। hindustantimes

जांच का विस्तार

उनकी गिरफ्तारी के बाद, ओडिशा विजिलेंस ने एक साथ तलाशी ली:

  • उत्तर त्रिपुरा के कंचनपुर में उनके निवास की newindianexpress
  • हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले और लाहौल-स्पीति जिले में उनके ससुराल वालों के घरों की newindianexpress
  • विभिन्न बैंक खातों और निवेश रिकॉर्डों की जांच की गई newindianexpress

वर्तमान कानूनी स्थिति

25 जुलाई, 2025 को उड़ीसा उच्च न्यायालय ने चक्मा को सशर्त जमानत प्रदान की, जिसके लिए ₹5 लाख के व्यक्तिगत बांड और पासपोर्ट जमा करने की आवश्यकता थी। न्यायमूर्ति गौरीशंकर सतपथी ने देखा कि चक्मा की समाज में जड़ें हैं और उनके भागने का कोई खतरा नहीं है, साथ ही यह भी नोट किया कि जांच काफी आगे बढ़ी है। timesofindia.indiatimes+1

आईपीएस अधिकारी एन. संजय: आंध्र प्रदेश भ्रष्टाचार मामला

व्यावसायिक पृष्ठभूमि

एन. संजय, 1996-बैच के आईपीएस अधिकारी, ने आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रतिक्रिया और अग्निशमन सेवा के महानिदेशक और बाद में अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के अतिरिक्त महानिदेशक के रूप में सेवा की। वह 2023 में वर्तमान मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी में शामिल थे। indiatoday

भ्रष्टाचार के आरोप

24 दिसंबर, 2024 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने संजय के खिलाफ ₹1.36 करोड़ सरकारी धन के कथित दुरुपयोग के लिए एफआईआर दर्ज की। विशिष्ट आरोपों में शामिल हैं: newindianexpress

  • अग्नि-एनओसी पोर्टल विकास के लिए सौत्रिका टेक्नोलॉजीज को अनुबंध देने के लिए टेंडर प्रक्रिया में हेराफेरी newindianexpress
  • धीमी प्रगति के बावजूद एक सप्ताह के भीतर कंपनी को ₹59.93 लाख का भुगतान सुविधा प्रदान करना newindianexpress
  • ₹17.89 लाख की अत्यधिक कीमत पर 10 लैपटॉप खरीदना newindianexpress
  • एससी/एसटी जागरूकता कार्यक्रमों के लिए कृत्व्याप टेक्नोलॉजीज को ₹1.19 करोड़ अधिकृत करना जो कभी नहीं हुए indiatoday

सुप्रीम कोर्ट का फैसला

1 अगस्त, 2025 को, सुप्रीम कोर्ट ने संजय की अग्रिम जमानत रद्द कर दी और उन्हें तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। अदालत ने नोट किया कि प्रक्रियात्मक उल्लंघन और अधिकार के दुरुपयोग को शामिल करने वाले भ्रष्टाचार मामले में इतने प्रारंभिक चरण में अग्रिम जमानत देना गलत मिसाल कायम कर सकता है। उनका निलंबन 31 मई, 2025 तक बढ़ा दिया गया है। indianmasterminds+1

आईपीएस अधिकारी रश्मि करंदीकर: अघोषित संपत्ति मामला

करियर और वर्तमान पद

रश्मि करंदीकर, 2004-बैच की महाराष्ट्र कैडर की आईपीएस अधिकारी, वर्तमान में सिविल डिफेंस और होम गार्ड में पुलिस अधीक्षक (प्रशासन अधिकारी) के रूप में सेवा कर रही हैं। वह अपने अलग हुए पति के धोखाधड़ी मामलों से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के लिए जांच के दायरे में हैं। indianmasterminds

वित्तीय विवाद

करंदीकर 2017-18 में अपने पति पुरुषोत्तम चावण से प्राप्त ₹2.64 करोड़ वाले बैंक खाते को घोषित करने में विफल होने के कारण जांच के दायरे में आईं। आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने अपनी जांच के दौरान पाया कि: indianmasterminds

  • करंदीकर ने पूरी राशि इंट्राडे शेयर ट्रेडिंग में निवेश की थी लेकिन काफी नुकसान उठाना पड़ा indianmasterminds
  • उन्होंने दावा किया कि उस अवधि के दौरान उनके पति उनके बैंक खातों का प्रबंधन करते थे indianmasterminds
  • डीजीपी कार्यालय से सत्यापन के लिए उनकी वार्षिक आय घोषणा मांगी गई indianmasterminds

पति के कई धोखाधड़ी मामले

चावण पर कुल ₹32 करोड़ के कथित धोखाधड़ी के कई मामले हैं:

  • सरकारी योजनाओं के तहत सस्ते फ्लैट का वादा करके 19 लोगों के साथ ₹24.78 करोड़ का धोखाधड़ी (2014-2019) indianmasterminds
  • सरकारी प्लॉट और पुलिस अकादमी आपूर्ति अनुबंध का वादा करके छह व्यक्तियों के साथ ₹7.42 करोड़ का धोखाधड़ी indianmasterminds
  • पहले ₹263 करोड़ आयकर रिफंड धोखाधड़ी मामले में ईडी द्वारा गिरफ्तार indianexpress

वर्तमान जांच स्थिति

ईओडब्ल्यू ने महाराष्ट्र डीजीपी कार्यालय को लिखा है कि करंदीकर ने शेयर ट्रेडिंग निवेश करने से पहले विभाग को सूचित किया था या नहीं। एंटी करप्शन ब्यूरो की जांच से अघोषित धन में उनकी भागीदारी या जानकारी का पता लगाने की उम्मीद है।indianmasterminds+1

व्यापक संदर्भ: भारत का भ्रष्टाचार संकट

सांख्यिकीय अवलोकन

इन अधिकारियों के भ्रष्टाचार मामले भारतीय शासन में व्यापक संकट को दर्शाते हैं। हाल के आंकड़ों के अनुसार:

  • भारत 2024 के भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक में 180 देशों में से 96वें स्थान पर है, 38 के घटते स्कोर के साथ drishtiias
  • एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने जनवरी-जून 2025 के बीच पीएमएलए के तहत 5,892 मामले दर्ज किए, केवल 0.1% दोषसिद्धि दर (8 मामले) के साथ ndtv
  • 2014-2024 की तुलना में पिछले दशक की तुलना में ईडी की तलाशी 86 गुना, गिरफ्तारी 25 गुना, और संपत्ति कुर्की 24 गुना बढ़ी newindianexpress

प्रवर्तन पैटर्न

आंकड़े महत्वपूर्ण प्रवर्तन गतिविधि दिखाते हैं:

  • 2005-14 में 1,797 की तुलना में पिछले दशक में 5,155 पीएमएलए मामले दर्ज newindianexpress
  • 2014-2024 की अवधि के दौरान ₹1,21,618 करोड़ की संपत्ति कुर्क newindianexpress
  • पिछले दशक में मनी लॉन्ड्रिंग कानूनों के तहत 755 गिरफ्तारियां newindianexpress
India ranked 81st in Transparency International's corruption perception index with a score indicating higher perceived corruption compared to top-ranking countries like New Zealand and Denmark

India ranked 81st in Transparency International’s corruption perception index with a score indicating higher perceived corruption compared to top-ranking countries like New Zealand and Denmark scroll

व्यवस्थित समस्याएं

ये भ्रष्टाचार मामले कई व्यवस्थित समस्याओं को उजागर करते हैं:

  • वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा विवेकाधीन शक्तियों का दुरुपयोग
  • आपसी लाभ के लिए राजनेताओं और नौकरशाहों के बीच गठजोड़
  • सरकारी विभागों में प्रभावी निरीक्षण तंत्र की कमी
  • मौजूदा भ्रष्टाचार विरोधी ढांचे के बावजूद कमजोर संस्थागत जांच
  • जटिल नियामक वातावरण जो किराया-खोजी के अवसर पैदा करता है

शासन पर प्रभाव

भ्रष्टाचार घोटालों के गंभीर प्रभाव हैं:

  • सरकारी संस्थानों में जनता के भरोसे का क्षरण
  • जनकल्याण के लिए संसाधनों का गलत आवंटन
  • भ्रष्ट प्रथाओं के कारण विकास परियोजनाओं में देरी
  • ईमानदार अधिकारियों पर हतोत्साहक प्रभाव
  • निवेश और राजनयिक संबंधों को प्रभावित करने वाली अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा में हानि

कानूनी और संस्थागत प्रतिक्रिया

भ्रष्टाचार विरोधी ढांचा

भारत ने भ्रष्टाचार से निपटने के लिए विभिन्न तंत्र स्थापित किए हैं:

  • 2018 में संशोधन के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988
  • संपत्ति वसूली के लिए धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002
  • निरीक्षण के लिए लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013
  • पारदर्शिता के लिए सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005
  • सूचनाकर्ता सुरक्षा के लिए व्हिसल ब्लोअर संरक्षण अधिनियम, 2014

प्रवर्तन एजेंसियां

भ्रष्टाचार जांच में कई एजेंसियां शामिल हैं:

  • हाई-प्रोफाइल मामलों के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई)
  • मनी लॉन्ड्रिंग जांच के लिए एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी)
  • निरीक्षण के लिए केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी)
  • स्थानीय प्रवर्तन के लिए राज्य भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो
  • टैक्स चोरी के मामलों के लिए आयकर विभाग

निष्कर्ष

आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा, विनय चौबे, अभिषेक प्रकाश, संजीव हंस और धीमान चक्मा के साथ आईपीएस अधिकारी एन. संजय और रश्मि करंदीकर के भ्रष्टाचार मामले भारत की शासन व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये मामले कई राज्यों में फैले हैं और विभिन्न प्रकार के भ्रष्टाचार को शामिल करते हैं – भूमि घोटाले और रिश्वतखोरी से लेकर मनी लॉन्ड्रिंग और पद के दुरुपयोग तक।

इन मामलों में खुलासा हुए भ्रष्टाचार के पैमाने – सैकड़ों करोड़ की अवैध संपत्ति, प्रीमियम संपत्तियां, लक्जरी वाहन और व्यापक वित्तीय नेटवर्क शामिल हैं – आधुनिक नौकरशाही भ्रष्टाचार की परिष्कृत प्रकृति को दर्शाता है। विभिन्न बैच, राज्य और विभागों के अधिकारियों का शामिल होना अलग-अलग घटनाओं के बजाय व्यवस्थित कमजोरियों का सुझाव देता है।

जबकि ईडी, सीबीआई और राज्य सतर्कता विभागों जैसी एजेंसियों द्वारा तेज प्रवर्तन से अधिक गिरफ्तारियां और संपत्ति वसूली हुई है, कम दोषसिद्धि दर और लंबी कानूनी प्रक्रियाएं चिंता का विषय हैं। मामले बेहतर निवारक उपायों, बेहतर निरीक्षण तंत्र और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए तेज न्यायिक कार्यवाही की आवश्यकता को भी उजागर करते हैं।

2024 में भारत की वैश्विक भ्रष्टाचार धारणा रैंकिंग में 96वें स्थान पर गिरावट इन व्यवस्थित मुद्दों को संबोधित करने की तात्कालिकता को रेखांकित करती है। नौकरशाही प्रक्रियाओं में प्रभावी सुधार, बेहतर पारदर्शिता उपाय और मजबूत संस्थागत जांच शासन में जनता की आस्था बहाली के लिए आवश्यक हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए कि सार्वजनिक संसाधन राष्ट्रीय विकास और नागरिक कल्याण के अपने इच्छित उद्देश्य की पूर्ति करें।

ये हाई-प्रोफाइल मामले इस बात की याद दिलाते हैं कि वरिष्ठ स्तर पर भ्रष्टाचार न केवल तत्काल वित्तीय नुकसान का कारण बनता है बल्कि लोकतांत्रिक शासन के पूरे ढांचे को भी कमजोर करता है, जिससे व्यापक भ्रष्टाचार विरोधी सुधार एक तत्काल राष्ट्रीय प्राथमिकता बन जाती है।


  1. https://www.drishtiias.com/daily-updates/daily-news-analysis/corruption-perceptions-index-2024
  2. https://visionias.in/current-affairs/news-today/2025-02-12/environment/transparency-international-releases-corruption-perceptions-index-cpi-2024
  3. https://indianexpress.com/article/explained/explained-law/cases-gujarat-ex-ias-pradeep-sharma-9963604/
  4. https://www.coastaldigest.com/suspended-ias-officer-pradeep-sharma-arrested-acb
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  6. https://news24online.com/india/who-is-pradeep-sharma-former-ias-officer-sentenced-to-5-years-imprisonment-in-land-scam-case-explained/536962/
  7. https://indianexpress.com/article/cities/delhi/31-gold-bars-in-arrested-ias-officers-locker/
  8. https://www.newindianexpress.com/nation/2025/May/22/with-latest-liquor-scam-arrest-jharkhand-sees-sixth-serving-ias-officer-arrested-in-graft-cases
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  12. https://www.newindianexpress.com/nation/2025/Aug/14/jharkhand-liquor-scam-jharkhand-hc-denies-bail-to-ias-officer-vinay-chaubey
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  16. https://www.youtube.com/watch?v=etyhQC2lKGc
  17. https://www.opindia.com/2025/04/money-trail-in-ias-sanjeev-hans-case-leads-to-rs-11-crore-cash-haul-in-patna-all-you-need-to-know-about-the-officer-and-the-ed-case/
  18. https://www.indiatoday.in/india-today-insight/story/how-rape-charge-against-bihar-ias-officer-led-ed-to-mega-money-laundering-find-2648216-2024-12-11
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  22. https://indianexpress.com/article/cities/patna/ias-officer-sanjeev-hans-corruption-probe-takes-ed-to-massive-cash-seizure-from-senior-bihar-officials-9912199/
  23. https://www.livehindustan.com/bihar/jailed-ias-sanjeev-hans-suspended-he-was-arrested-by-ed-in-corruption-money-laundering-case-201736143725190.html
  24. https://timesofindia.indiatimes.com/city/guwahati/odisha-ias-officer-hailing-from-tripura-caught-taking-bribe/articleshow/121736252.cms
  25. https://www.hindustantimes.com/india-news/odisha-ias-officer-dhiman-chakma-caught-accepting-rs-10-lakh-bribe-video-101749530326127.html
  26. https://www.newindianexpress.com/cities/bhubaneswar/2025/Jun/19/houses-in-tripura-hp-linked-to-ias-officer-dhiman-chakma-raided
  27. https://timesofindia.indiatimes.com/city/bhubaneswar/hc-grants-bail-to-suspended-ias-officer-in-bribery-case/articleshow/122911048.cms
  28. https://www.livelaw.in/high-court/orissa-high-court/orissa-high-court-bail-ias-officer-dhiman-chakma-bribery-case-298853
  29. https://www.indiatoday.in/india/andhra-pradesh/story/andhra-pradesh-government-extends-suspension-of-ips-officer-n-sanjay-over-fund-misappropriation-2673262-2025-02-01
  30. https://www.newindianexpress.com/states/andhra-pradesh/2024/Dec/25/acb-registers-fir-against-ex-cid-chief-for-misconduct-misuse-of-rs-136-crore-government-funds-in-andhra
  31. https://indianmasterminds.com/news/supreme-court-cancels-anticipatory-bail-of-ips-n-sanjay-in-corruption-case-orders-surrender-within-three-weeks-133992/
  32. https://www.deccanchronicle.com/southern-states/andhra-pradesh/andhra-pradesh-suspension-of-ips-officer-sanjay-extended-for-another-six-months-1881746
  33. https://indianmasterminds.com/news/acb-investigation-looms-over-ips-officer-rashmi-karandikar-amid-husbands-rupees-32-crore-fraud-cases-135945/
  34. https://indianmasterminds.com/news/senior-ips-officer-rashmi-karandikar-under-scrutiny-for-undisclosed-rs-2-64-crore-transaction-know-more-136152/
  35. https://indianexpress.com/article/cities/mumbai/maharashtra-ed-registers-fresh-money-laundering-case-against-husband-of-ips-officer-in-two-fraud-cases-involving-rs-32-crore-10107201/lite/
  36. https://www.ndtv.com/india-news/only-0-1-conviction-in-corruption-cases-filed-by-probe-agency-ed-since-january-8983071
  37. https://www.newindianexpress.com/nation/2024/Apr/17/ed-searches-assets-attachment-convictions-rose-exponentially-during-bjp-rule-compared-to-upa-era