ईसा पूर्व का इतिहास : 8000 से 1001 ईसा पूर्व तक
मानव‑इतिहास में ईसा पूर्व का दौर कृषि, तकनीक, कानून और धर्म के विकास की लंबी यात्रा को दिखाता है।[2][1] यह सूची प्रमुख घटनाओं की कालानुक्रमिक झलक देती है, जिनकी तिथियाँ पारंपरिक इतिहास‑लेखन में प्रयुक्त अनुमानित तिथियाँ हैं।[1][2]
प्रारम्भिक कृषि और तकनीकी विकास (8000–6000 ईसा पूर्व)
8000 ईसा पूर्व
नियमित रूप से माना जाता है कि पहिए का आविष्कार इसी समय के आसपास हुआ, जब नदी‑घाटियों में अनाज की खेती फैल रही थी और स्थायी कृषि‑समाज बन रहे थे; इसी दौर में अंगूर और अनाज से मदिरा, जैसे शराब और बीयर, बननी शुरू होती है।[2][1]
7000 ईसा पूर्व
मिट्टी के बर्तनों (मिट्टी के घड़े, कलश आदि) का व्यापक उपयोग शुरू होता है, जिससे भोजन और बीज सुरक्षित रखने व तरल पदार्थ संग्रह करना आसान हो जाता है।[1][2]
6000 ईसा पूर्व
फ्लैक्स (अलसी) पौधे से लिनन वस्त्र बनाए जाते हैं, जो कपड़ा‑तकनीक में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।[2][1]
प्रारम्भिक लेखन, धातु और नगर‑सभ्यताएँ (5300–4000 ईसा पूर्व)
5300 ईसा पूर्व
आधुनिक रोमानिया क्षेत्र की तुर्दा‑विन्चा संस्कृति में टार्टारिया टैबलेट्स लिखी जाती हैं, जिन्हें प्रतीकात्मक या प्रारम्भिक लेखन के सबसे पुराने उदाहरणों में गिना जाता है।[1][2]
5000 ईसा पूर्व
मेसोपोटामिया में सभ्यता विकसित होती है; सिंचाई‑प्रणालियाँ बनती हैं, मकई (मक्का) की खेती शुरू होती है और तांबे का उपयोग बढ़ता है, जो पत्थर‑युग से धातु‑युग की ओर संक्रमण को दिखाता है।[2][1]
4241 ईसा पूर्व
मिस्री कैलेंडर में दर्ज सबसे पुरानी तिथि इसी समय के आसपास बताई जाती है, जो संगठित समय‑गणना की शुरुआत का संकेत है।[1][2]
4000 ईसा पूर्व
सुमेर (दक्षिणी बाबिलोनिया) में किश के राजा मेसलिम का शासन चलता है; इसी समय हल (plough) का विकास, घोड़ों को पालतू बनाने और भारत के सिंध क्षेत्र में पहिए का चित्रण मिलने की जानकारी मिलती है।[2][1]
कैलेंडर, लेखन‑प्रणाली और प्रारम्भिक राज्य (3760–3000 ईसा पूर्व)
3760 ईसा पूर्व
यह वर्ष पारंपरिक रूप से यहूदी कैलेंडर का प्रारम्भिक वर्ष माना जाता है।[1][2]
3500 ईसा पूर्व
सुमेरियों द्वारा पहली ज्ञात ध्वन्यात्मक (phonetic) लेखन‑प्रणाली और संख्या‑पद्धति विकसित की जाती है; वे माल और लोगों को ढोने के लिए बैलगाड़ी‑जैसी गाड़ियों का प्रयोग भी करते हैं, और मिस्र के हिएराकोनपोलिस (आज का नेकहेन) में दुनिया का सबसे पुराना ज्ञात चिड़ियाघर स्थापित माना जाता है।[2][1]
3100 ईसा पूर्व
मिस्र का प्रथम राजवंश स्थापित होता है और नरमे़र (कभी‑कभी मेनू नाम से) को पहला फ़राओ माना जाता है, जो ऊपरी और निचले मिस्र के एकीकरण का प्रतीक है।[3]
3000 ईसा पूर्व
आयरलैंड के न्यूग्रेंज में मेगालिथिक स्मारक‑कब्रें (tombs) निर्मित होती हैं; सुमेरिया में उर‑नीना के शासन में मंदिरों और नहरों का निर्माण होता है; इसी समय चीन में हीरे को घिसकर चमकाने की कला (diamond polishing) का उल्लेख मिलता है।[1][2]
स्मारक, सम्राट और पहली दर्ज बगावत (2950–2700 ईसा पूर्व)
2950 ईसा पूर्व
ब्रितानी क्षेत्र में स्टोनहेंज के निर्माण का पहला चरण माना जाता है (कुछ अनुमान इसे 3100 ईसा पूर्व तक पीछे ले जाते हैं); यह प्राचीन धार्मिक‑अनुष्ठानिक स्थल का आरम्भिक रूप है।[2][1]
2850 ईसा पूर्व
पारंपरिक चीनी परम्परा में फ़ू‑ही (फ़ू‑शी) को चीन का प्रथम सम्राट माना जाता है।[1][2]
2800 ईसा पूर्व
कैलेंडर‑प्रणालियों का विकास होता है; सुमेर में लगाश शहर के लोग भ्रष्ट अधिकारियों के विरुद्ध उठ खड़े होते हैं और उन्हें हटाते हैं—इसे कर‑भार और आत्म‑समृद्धि में लगे शासकों के विरुद्ध पहली दर्ज बगावत माना जाता है।[2][1]
महाकाव्य, पिरामिड और साम्राज्य (2700–2550 ईसा पूर्व)
2700 ईसा पूर्व
महाकाव्य ‘गिलगमेश’ काव्य‑रूप में रचा जाता है; निनेवेह में पाए गए मिट्टी के फलकों पर इसके अंश बताते हैं कि एक अर्ध‑दैवी राजा अमरत्व की खोज में निकलता है, जो संभवतः उरुक के किसी ऐतिहासिक राजा पर आधारित है।[1][2]
2680 ईसा पूर्व
गीज़ा का महान पिरामिड पूरा होता है, जो मिस्र के पुरातन साम्राज्य की इंजीनियरिंग और राजसत्ता की पराकाष्ठा को दर्शाता है।[2][1]
2650 ईसा पूर्व
सारगोन द्वारा मेसोपोटामिया में अक्कादी साम्राज्य की स्थापना होती है, जिससे नगर‑राज्यों से बड़े क्षेत्रीय साम्राज्यों की ओर बदलाव दिखता है।[1][2]
2637 ईसा पूर्व
पारंपरिक चीनी कैलेंडर का प्रथम वर्ष अक्सर इसी तिथि से जोड़ा जाता है।[2][1]
2600 ईसा पूर्व
मिस्र का छठा राजवंश पुरातन मिस्री साम्राज्य का अंत करता है; पेपी द्वितीय का शासन लगभग 94 वर्ष बताया जाता है, जिसे विश्व‑इतिहास में सबसे लंबा राजकाल माना जाता है।[1][2]
2550 ईसा पूर्व
खुफू, उसके पुत्र खाफ़रे और पौत्र मेनकाउरे के शासन में महान पिरामिडों का निर्माण आगे बढ़ता है; इसी समय काँच (glass) के आविष्कार का भी उल्लेख मिलता है।[2][1]
पुस्तकालय, साबुन और क्षेत्रीय शक्तियाँ (2500–2300 ईसा पूर्व)
2500 ईसा पूर्व
क्रीट द्वीप पर मिनोअन युग की शुरुआत होती है; ऊँटों को पालतू बनाया जाता है; अस्सुरिया, मिस्र और चीन में प्रारम्भिक पुस्तकालयों के अस्तित्व का उल्लेख मिलता है; सुमेरियन मिट्टी की तख्तियों में साबुन का ज़िक्र है, जो पानी, क्षार और कसिया तेल से तैयार किया जाता था, और मुख्यतः ऊन व वस्त्र साफ करने में प्रयोग होता था।[1][2]
2400 ईसा पूर्व
उर‑एंगुर सुमेरिया में उर राजवंश की स्थापना करता है, जो क्षेत्र में संगठित राज्य‑व्यवस्था के महत्त्व को पुनः रेखांकित करता है।[2][1]
2350 ईसा पूर्व
मेसोपोटामिया के शासक उरुकागीना के नाम से ज्ञात एक प्रारम्भिक कानून‑संग्रह जारी करते हैं; स्वयं संहिता नहीं मिली, पर अन्य दस्तावेज़ों में इसका उल्लेख है।[4][5]
2300 ईसा पूर्व
मिस्र में पपायरस पौधे से कागज़ बनाया जाता है, जिससे प्रशासन और अभिलेख‑लेखन अधिक सुव्यवस्थित हो पाता है।[1][2]
विधि‑संहिता और पितृपरम्पराएँ (2100–1850 ईसा पूर्व)
2100 ईसा पूर्व
सुमु‑अबू बाबिलोन का प्रथम राजवंश स्थापित करता है; बाइबिल परम्परा के अनुसार, अब्राहम का जन्म मेसोपोटामिया के उर नगर में माना जाता है।[2][1]
2050 ईसा पूर्व
उर‑नम्मु की विधि‑संहिता, जिसे प्रायः उसके पुत्र शुग्ली द्वारा लिखित माना जाता है, सबसे प्राचीन ज्ञात लिखित कानून‑संग्रह के रूप में सामने आती है; इसमें भ्रष्ट अधिकारियों को हटाने, गरीबों की सुरक्षा, शपथ के तहत साक्ष्य देने और न्यायालय द्वारा पीड़ित को क्षतिपूर्ति दिलाने जैसी व्यवस्थाएँ शामिल थीं।[5][4]
2000 ईसा पूर्व
मिस्र का बारहवाँ राजवंश शुरू होता है और थेब्स राजधानी बनती है; बाबिलोन में हम्मुराबी आगे चलकर कानून में सुधार और कृषि‑उन्नति करते हैं; बाइबिल परम्परा के अनुसार, अब्राहम उर को छोड़कर कनान की ओर प्रस्थान करता है।[1][2]
1850 ईसा पूर्व
सबसे प्राचीन ज्ञात लिखित न्यायिक निर्णय इसी समय का माना जाता है: एक मिट्टी के पट्ट पर मंदिर‑कर्मचारी की हत्या के मामले का विवरण है, जिसमें तीन पुरुषों और मृतक की पत्नी पर हत्या का आरोप लगा; गवाहों के बयान के आधार पर पुरुषों को दंडित कर घर के सामने फाँसी दी गई, जबकि पत्नी को पति द्वारा अत्याचार और उसकी गरीबी को देखते हुए दोषमुक्त किया गया।[2][1]
हम्मुराबी की संहिता और उभरते राज्य (1800–1500 ईसा पूर्व)
1800 ईसा पूर्व
हिक्सोस (Hyksos) मिस्र के कुछ भागों पर शासन स्थापित करते हैं और नए सैन्य तथा तकनीकी तरीकों का प्रवेश कराते हैं।[1][2]
1750 ईसा पूर्व
बाबिलोन साम्राज्य के राजा हम्मुराबी द्वारा विस्तृत विधि‑संहिता जारी की जाती है, जिसमें विवाह, तलाक, व्यापार और मूल्य‑निर्धारण जैसे जीवन के अनेक पहलुओं पर नियम बनते हैं; चोरी पर उंगलियाँ या हाथ काटने, निन्दा पर जीभ काटने और विवाहित स्त्री को चूमने पर निचला होंठ काटने जैसी कठोर सजाएँ दी जाती थीं; इसी संहिता में प्रतिशोध‑सिद्धांत “आँख के बदले आँख, दाँत के बदले दाँत” स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।[6][7][5]
1700 ईसा पूर्व
अस्सुरिया बाबिलोन से स्वतंत्र होकर अलग क्षेत्रीय शक्ति के रूप में उभरता है।[2][1]
1500 ईसा पूर्व
बाइबिल परम्परा में ‘बुक ऑफ जॉब’ का रचना‑काल अक्सर इसी समय के आसपास माना जाता है; भारत में हिन्दू धर्म के मूल ग्रन्थ वेद, जो स्तुतियों और सूक्तों का संग्रह हैं, प्राचीन संस्कृत में द्वितीय सहस्त्राब्दी ईसा पूर्व के बीच रचे जाते हैं।[8][9][10]
धर्म‑ग्रन्थ, सुधार और लौह‑युग (1446–1300 ईसा पूर्व)
1446–1406 ईसा पूर्व
हिब्रू बाइबिल के प्रथम पाँच ग्रन्थ (पेंटाट्यूक) का पारंपरिक रचना‑काल प्रायः 1446 से 1406 ईसा पूर्व के बीच माना जाता है।[1][2]
1400 ईसा पूर्व
अनातोलिया (आशिया माइनर) में हित्ती लोग लोहे का प्रयोग शुरू करते हैं, जो लौह‑युग की दिशा में एक निर्णायक कदम है।[2][1]
1415 ईसा पूर्व
मिस्र के फ़राओ अमेनोफिस चतुर्थ (अखेनातेन) पारंपरिक देवताओं की पूजा हटाकर सूर्य‑पूजा को प्रोत्साहित करते हैं, जिससे धार्मिक व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन आता है।[1][2]
1375 ईसा पूर्व
इख्नातेन (अखेनातेन) सूर्य‑देव ‘आतोन’ की एकेश्वरवादी या हेनोथीस्टिक पूजा‑पद्धति विकसित करते हैं, जो स्थापित पुरोहित वर्ग को चुनौती देती है।[2][1]
1355 ईसा पूर्व
मिस्र में उन्नीसवाँ राजवंश रामेसेज़ प्रथम से शुरू होता है।[1][2]
1300 ईसा पूर्व
परम्परा के अनुसार मूसा को सिनाई पर्वत पर ईश्वर से सीधे दस आज्ञाएँ (Ten Commandments) प्राप्त होती हैं, जो आगे चलकर यहूदी और ईसाई नैतिक‑कानून की आधारशिला बनती हैं।[2][1]
मनुस्मृति, ट्रॉय और इस्राएल के राजा (1280–1020 ईसा पूर्व)
1280 ईसा पूर्व
भारत में मनु के कानून (मनुस्मृति) रचे जाते हैं, जो अनुबंध, अपराध, उत्तराधिकार आदि अनेक विषयों को विनियमित करते हैं; यह ग्रन्थ वर्ण‑व्यवस्था को भी विधि‑रूप देता है, जिसमें लोगों को सामाजिक दर्जे के अनुसार वर्गीकृत किया जाता है और ऊँची जाति के सदस्यों पर अपेक्षाकृत कठोर दंड निर्धारित होते हैं; विद्वान इस ग्रन्थ की तिथिक्रम को देर से द्वितीय या प्रथम सहस्त्राब्दी ईसा पूर्व के बीच मानते हैं।[11][12][13]
1200 ईसा पूर्व
मिस्र का बीसवाँ राजवंश रामेसेज़ तृतीय के नेतृत्व में चलता है, जिसे बाहरी आक्रमणों और आन्तरिक संकटों का सामना करना पड़ता है।[1][2]
1193 ईसा पूर्व
ग्रीक सेनाओं द्वारा ट्रॉय के विनाश को पारंपरिक कालक्रम में लगभग इसी समय रखा जाता है।[2][1]
1186 ईसा पूर्व
ट्रोजन युद्ध को एक लंबी श्रृंखला के रूप में देखा जाता है, जिसमें ट्रॉय पर कई चरणों में हमले होते हैं, न कि केवल एक ही अभियान।[1][2]
1020 ईसा पूर्व
इस्राएलियों का पहला राजा शाऊल माना जाता है, जिससे इस्राएल की राजशाही परम्परा का औपचारिक आरम्भ होता है।[2][1]
- https://www.worldhistory.org/timeline/
- https://www.tutorialspoint.com/general_knowledge/general_knowledge_world_history_timeline.htm
- https://ospi.k12.wa.us/sites/default/files/2023-08/global-history-timeline-sti-1450.pdf
- https://www.worldhistory.org/timeline/Code_of_Hammurabi/
- https://en.wikipedia.org/wiki/Code_of_Hammurabi
- https://www.ushistory.org/civ/4c.asp
- https://www.worldhistory.org/Code_of_Hammurabi/
- https://www.britannica.com/topic/Veda
- https://humanitiesinstitute.org/__static/e4d573f0a09585389184ae30dbc82614/41-vedas(2).pdf?dl=1
- https://courses.lumenlearning.com/suny-hccc-worldcivilization/chapter/the-vedas/
- https://time.graphics/period/4055843
- http://www.worldhistoryatlas.com/U02/WHAcom12_U02_PS_manu.pdf
- https://fr.wikipedia.org/wiki/Lois_de_Manu














